@laravelPWA
दावत नमाज़ की
शब्बीर का पैग़ाम सुनाने न दिया।
जो शख्स शहे दी का अज़ादार नही है
इल्म
रहबर है मुस्तुफा
ताजे लताफत हैं फातेमा
क़सीदा
अभी के अभी......
मदहे हज़रते अब्बास मे
बाप