@laravelPWA
इबादत सिर्फ़ अल्लाह से मख़सूस है
नबियों की बेसत का फलसफ़ा
अँबिया पूरी ज़िन्दगी मे मासूम होते है।
अंबिया अल्लाह के फ़रमा बरदार
अंबिया के मोजज़ात व इल्मे ग़ैब
पैग़म्बरों के ज़रिये शफ़ाअत
तवस्सुल
अंबिया की दावत के उसूल एक हैं।
ज़िन्दगी के हर पहलू की इस्लाह
क़ौमी व नस्ली बरतरी की नफ़ी